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गोदरेज एग्रोवेट ने प्‍लांट न्‍यूट्रिशन सेगमेंट में कदम रखा

गोदरेज एग्रोवेट ने स्‍पैनिश कंपनी, बायोबेर्का के साथ मिलकर नया प्‍लांट न्‍यूट्रिशन पोर्टफोलियो लॉन्‍च किया। यह नया पोर्टफोलियो महाराष्‍ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश/तेलंगाना, पंजाब, हरियाणा और मध्‍य प्रदेश में उपलब्‍ध होगा। प्‍लांट स्‍ट्रेस को कम करने की बढ़ती आवश्‍यकता को पूरा करने के लिए इसे लॉन्‍च किया गया है।

प्‍लांट स्‍ट्रेस, वो चाहे एबायोटिक (अत्‍यधिक तापमान, कम या अत्‍यधिक बारिश, सूखा आदि) या बायोटिक (कीटनाशक संक्रमण) – कृषि पर जलवायु परिवर्तन या वैश्विक गर्मी के विभिन्‍न प्रभावों का प्रत्‍यक्ष परिणाम है। प्‍लांट स्‍ट्रेस के सबसे सामान्‍य लक्षण हैं – वृद्धि की महत्‍वपूर्ण अवस्‍था में पौधे की स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याएं, पैदावार में कमी या किसी विशेष फसल की अपर्याप्‍त संभावित पैदावार, फल और फूल का गिरना। वैकल्पि जैविक समाधानों के अभाव के चलते कीटनाशक के अत्‍यधिक प्रयोग के चलते पौधों में समस्‍याएं पैदा होती हैं।

अधिकांश किसान, पौधे के स्‍वास्‍थ्‍य पर प्‍लांट स्‍ट्रेस के गंभीर प्रभावों के बावजूद कृषि प्रबंधन के महत्‍वपूर्ण पहलू पर विचार नहीं करते हैं और बदले में, यह कृषि अर्थव्‍यवस्‍था को भी प्रभावित करता है। अब तकनीकी समाधानों के समाधान के जरिए किसान प्रभावी तरीके से इस महत्‍वपूर्ण आवश्‍यकता को पूरी कर सकेंगे। इन समस्‍याओं को दूर करने और कृषि पैदावार को स्‍वस्‍थ बनाये रखने के लिए, गोदरेज एग्रोवेट ने फसल के अनुसार वानस्‍पतिक पोषण उत्‍पाद उपलब्‍ध कराये हैं।

गोदरेज एग्रोवेट के प्रबंध निदेशक, बलराम सिंह ने कहा, ”प्‍लांट स्‍ट्रेस से जुड़ी कृषि समस्‍याओं का कृषि अर्थव्‍यवस्‍था पर प्रत्‍यक्ष प्रभाव होता है। इसे कम करने के तरीकों के बारे में त्‍वरित जागरूकता पैदा किये जाने की सख्‍त आवश्‍यकता है। गोदरेज एग्रोवेट कृषि संबंधी उत्‍पादों की विविध रेंज के साथ तीन दशकों से भारतीय किसानों की सेवा करता रहा है, ताकि कृषि पैदावार बढ़ सके। प्‍लांट न्‍यूट्रिशन पोर्टफोलियो को लॉन्‍च किया जाना इन सिद्धांतों के अनुरूप ही है। इससे किसान किसी फसल विशेष का संभावित पैदावार प्राप्‍त कर सकेंगे।

प्‍लांट न्‍यूट्रिशन पोर्टफोलियो में फसल के अनुसार उत्‍पाद शामिल हैं :

 टेरा सॉर्ब कंप्‍लेक्‍स – अंगूर, सेव, लाल मिर्च, आलू

आर्मुरॉक्‍स – अंगूर, सेव, लाल मिर्च, कपास

इक्विलिब्रियम – रसीली सब्जियां जैसे टमाटर, बैंगन, ओकरा, परवल, शिमला मार्च, खीरा और केला

ये प्रोडक्‍ट्स महाराष्‍ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश/तेलंगाना, पंलाब, हरियाणा व मध्‍य प्रदेश में उपलब्‍ध होंगे।

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