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भारत में कंपनियों के खिलाफ डिजिटल धोखाधड़ी प्रयासों में कमी आई; नये ट्रांसयूनियन रिसर्च का खुलासा

कुछ उद्योगों में वृद्धि भी देखने को मिली, लॉजिस्टिक्‍स एवं वित्‍तीय सेवाओं में संदेहास्‍पद ऑनलाइन धोखाधड़ी में सबसे तेज वृद्धि दर्ज की गयी

मुंबई, सूचना और अंतर्दृष्टि प्रदाता, ट्रांसयूनियन द्वारा कराये गये नये शोध के अनुसार, विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन (WHO) द्वारा 11 मार्च, 2020 को को‍विड-19 को वैश्विक महामारी घोषित किये जाने के बाद, New TransUnion Research Shows Digital Fraud Attempts in India Against Companies Decrease भारत में संदिग्‍ध ऑनलाइन धोखाधड़ी के प्रयासों में काफी वृद्धि हुई।

इसके विपरीत, ट्रांसयूनियन ने हाल ही में पाया कि कंपनियों के फिजिकल लोकेशंस के दोबारा खुलने के साथ इस तरह के प्रयासों में कमी आई है। ट्रांसयूनियन ने अपने जाने-माने धोखाधड़ी निवारक समाधान, आईडीविजन® विद आईओवेशन® में अंतर्विष्‍ट करोड़ों ट्रांजेक्‍शंस और 40,000 से अधिक वेबसाइट्स व एप्‍स के इंटेलिजेंस के आधार पर दुनिया भर के व्‍यवसायों के साथ हुई धोखाधड़ी के मामलों पर अपने निष्‍कर्ष दिये।

विशिष्‍ट रूप में, ट्रांसयूनियन ने पाया कि महामारी से पूर्व (1 जनवरी – 10 मार्च) से लेकर महामारी की शुरुआत (”चरण 1,” 11 मार्च – 18 मई) तक भारत में व्‍यवसायों से जुड़े संदिग्‍ध ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों में 121 प्रतिशत की वृद्धि हुई। हालांकि, व्‍यवसायों के दोबारा शुरू होने (”चरण 2,” 19 मई – 25 जुलाई) के साथ, ट्रांसयूनियन की निष्‍कर्षों से पता चला कि पहले चरण (11 मार्च – 18 मई) की तुलना में भारत में व्‍यवसायों से जुड़े संदिग्‍ध डिजिटल धोखाधड़ी के प्रयासों में 29 प्रतिशत की कमी आई।

वैश्विक रूप से, ट्रांसयूनियन ने महामारी की शुरुआत (11 मार्च – 18 मई) से लेकर व्‍यवसायों के दोबारा शुरू होने (19 मई – 25 जुलाई) तक दुनिया भर के व्‍यवसायों में संदिग्‍ध धोखाधड़ी डिजिटल ट्रांजेक्‍शंस में 9 प्रतिशत की कमी आई।

ट्रांसयूनियन, इंडिया के ईवीपी और हेड ऑफ फ्रॉड, सॉल्‍यूशंस एंड अल्‍टरनेट डेटा, शालीन श्रीवास्‍तव ने कहा, ”अधिकांश व्‍यवसायों पर रातोंरात संपूर्ण रूप से ऑनलाइन जाने के लिए झटपट डिजिटल माध्‍यम अपनाने की बाध्‍यता के साथ, धोखेबाजों ने इस मौके का लाभ उठाने की कोशिश की। हालांकि, वो संभावित रूप से अपने प्रयासों में असफल रहे और उन्‍हें निराश होकर कहीं अन्‍य जाना पड़ा, क्‍योंकि उन व्‍यवसायों ने उपभोक्‍ताओं के लिए सुरक्षित अनुभव प्रदान करने हेतु अपने डिजिटल फ्रॉड निरोधक समाधानों को मजबूत बनाया। इसके विपरीत, धोखेबाजों द्वारा कोविड-19 को अवसर के रूप में उपयोग करते हुए उन लोगों को अधिक शिकार बनाया जा रहा है जिन पर भारी वित्‍तीय दबाव है।”

विशेष उद्योगों में संदिग्‍ध ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों में हाल की वृद्धि ट्रांसयूनियन ने हाल में भारत के विभिन्‍न उद्योगों के व्‍यवसायों में संदिग्‍ध डिजिटल धोखाधड़ी के मामलों का विश्‍लेषण भी किया।

श्री शालीन स्‍वीकार करते हैं, ”हमारे विश्‍लेषण से पता चलता है कि भारत में हाल के समय में वित्‍तीय सेवा और लॉजिस्टिक्‍स क्षेत्र की कंपनियों को संदिग्‍ध धोखापूर्ण डिजिटल ट्रांजेक्‍शंस का निशाना बनाने की सबसे अधिक कोशिश की गयी है। छलपूर्ण ट्रांजेक्‍शंस के चलते होने वाले नुकसानों को रोकने एवं उसे नियंत्रित करने हेतु चतुर निगरानी और सावधानी अत्‍यंत महत्‍वपूर्ण है।”

ट्रांसयूनियन ने नीचे दिये गये उद्योगों में संदिग्‍ध डिजिटल धोखाधड़ी के प्रतिशत का विश्‍लेषण किया; ये आंकड़े 11 मार्च से 18 मई और 19 मई से 25 मई के बीच के हैं।

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