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पश्चिम रेलवे द्वारा 50 करोड़ रु. से अधिक के राजस्व के साथ 600 पार्सल विशेष ट्रेनों का बड़ा ऑंकड़ा पार

कोरोना महामारी के कठिनतम समय के दौरान भी अत्यावश्यक वस्तुओं की आपूर्ति को बनाए रखने के लिए पश्चिम रेलवे की पार्सल विशेष ट्रेनें देश के विभिन्न स्थानों तक चल रही हैं।

विभिन्न बाधाओं और श्रम शक्ति की कमी के बावजूद, पश्चिम रेलवे ने लॉकडाउन के दौरान कुल 616 पार्सल विशेष ट्रेनों को चलाकर 600 पार्सल विशेष ट्रेनों के बड़े आंकड़े को पार कर लिया है। इसके जरिए हासिल होने वाला राजस्व करीब 51.51 करोड़ रुपये रहा है।

इसी क्रम में 20 अक्टूबर, 2020 को तीन पार्सल विशेष ट्रेनें पश्चिम रेलवे के विभिन्न स्टेशनों से रवाना हुईं, जिनमें 2 पार्सल स्पेशल बांद्रा टर्मिनस से जम्मू तवी और पोरबंदर से शालीमार के लिए चलाई गईं, जबकि एक दूध विशेष ट्रेन पालनपुर से हिंद टर्मिनल के लिए रवाना हुई।

पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी श्री सुमित ठाकुर द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 23 मार्च से 19 अक्टूबर, 2020 तक, लगभग 1.53 लाख टन वजन वाली वस्तुओं को पश्चिम रेलवे द्वारा अपनी 616 पार्सल विशेष गाड़ियों के माध्यम से ले जाया गया है, जिनमें कृषि उत्पाद, दवाइयां, मछली, दूध आदि मुख्य रूप से शामिल हैं। इस परिवहन के माध्यम से होने वाली राजस्व आय लगभग 51.51 करोड़ रु. रही है।

इसके अंतर्गत पश्चिम रेलवे द्वारा 106 दुग्ध विशेष रेलगाड़ियां चलाई गईं, जिनमें 80,700 टन से अधिक भार के साथ वैगनों का 100% उपयोग सुनिश्चित किया गया। इसी तरह, लगभग 49 हज़ार टन आवश्यक वस्तुओं के परिवहन के लिए 458 कोविड -19 विशेष पार्सल ट्रेनें भी चलाई गईं।

इनके अलावा, लगभग 23000 टन के भार के लिए 100% उपयोग के साथ 52 इंडेंटेड रेक भी चलाये गये। 22 मार्च से 19 अक्टूबर, 2020 तक लॉकडाउन की अवधि के दौरान पश्चिम रेलवे पर मालगाड़ियों के 18,674 रेकों का उपयोग 39.73 मिलियन टन आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए किया गया है।

36,414 मालगाड़ियों को अन्य क्षेत्रीय रेलों के साथ जोड़ा गया, जिनमें 18,182 ट्रेनें सौंपी गईं और 18,232 ट्रेनों को अलग-अलग इंटरचेंज पॉइंटों पर ले जाया गया।

लॉकडाउन के कारण यात्री राजस्व का नुक़सान

लॉकडाउन के कारण यात्री ट्रेनें बंद रहने से पश्चिम रेलवे पर उपनगरीय और गैर-उपनगरीय सहित राजस्व का कुल नुकसान 3000 करोड़ रुपये रहा है, जिसमें 465 करोड़ रु. उपनगरीय खंड पर और 2535 करोड़ रु. गैर उपनगरीय खंड का नुक़सान शामिल है।

इसके बावजूद, 1 मार्च से 19 अक्टूबर,2020 तक टिकटों के निरस्तीकरण के कारण, पश्चिम रेलवे ने 454 करोड़ रुपये की रिफंड राशि वापस करना सुनिश्चित किया है।

उल्लेखनीय है कि इस धनवापसी राशि में, अकेले मुंबई डिवीजन ने 220.66 करोड़ रुपये का रिफंड भुगतान सुनिश्चित किया है।

अब तक, 70.61 लाख यात्रियों ने पूरी पश्चिम रेलवे में अपने टिकट रद्द कर दिए हैं और तदनुसार उनकी किराया वापसी राशि प्राप्त की है।

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