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स्‍पाइसजेट ने उत्‍तर-पूर्व के कई शहरों के लिए समर्पित ढुलाई सेवाएं शुरू की

उत्‍तर-पूर्व भारत को जोड़ने के लिए समर्पित ढुलाई उड़ान सेवा शुरू करने वाली पहली भारतीय विमानन सेवा प्रदाता
असम, मणिपुर, मिजोरम, नागालैंड और त्रिपुरा के लिए 14 नई ढुलाई उड़ानें शुरू की
समर्पित फ्रेटर परिचालनों से लॉजिस्टिक्‍स और कनेक्टिविटी बेहतर होगी जिससे उत्‍तर-पूर्वी भारत में व्‍यापार बढ़ेगा
स्‍पाइसजेट देशव्‍यापी लॉकडाउन शुरू होने के बाद से 50,000 टन से अधिक कार्गो की ढुलाई कर चुका है – जो कि सभी घरेलू एयरलाइन्‍स द्वारा की गई कुल ढुलाई के दोगुना से भी अधिक है

गुरूग्राम, 16 सितंबर, 2020: देश की पसंदीदा एयरलाइन और सबसे बड़े एयर कार्गो ऑपरेटर, स्‍पाइसजेट ने अपने बॉम्‍बार्डियर Q400 फ्रेटर्स के जरिए उत्‍तर-पूर्व भारत को कार्गो ले जाने और वहां से लाने के लिए 14 नई कार्गो फ्लाइट्स की सेवा शुरू की है। इस प्रकार, इस विमानन कंपनी ने देश के बाकी हिस्‍सों से बेजोड़ कनेक्टिविटी सुनिश्चित की है।

क्षेत्रीय संपर्क बढ़ाने के प्रति अपनी वचनबद्धता के अनुरूप, स्‍पाइसजेट पहले ऐसे भारतीय कैरियर हैं जिसने उत्‍तर-पूर्व भारत के लिए समर्पित कार्गो फ्लाइट्स शुरू की है। इन समर्पित कार्गो फ्लाइट्स से ताजे फल, सब्जियां, फूल, पेरिशेबल्‍स (नष्‍ट होने योग्‍य वस्‍तुएं), मछली के बीज, ताजी मछली, फार्मास्‍यूटिकल्‍स, चिकित्‍सा उपकरण, एक्‍सप्रेस कार्गो एवं अन्‍य सामान्‍य कार्गो की ढुलाई में मदद मिलेगी। लॉजिस्टिक्‍स एवं कनेक्टिविटी में वृद्धि के अलावा, नई फ्रेटर सेवा से उत्‍तर-पूर्व बाजारों में व्‍यापार को बढ़ावा मिलेगा और ये सेवाएं माइक्रो, स्‍मॉल एवं मीडियम एंटरप्राइजेज के लिए सहायक साबित होंगी।

यह एयरलाइन कोलकाता-गुवाहाटी, गुवाहाटी-कोलकाता, कोलकाता-इम्‍फाल और इम्‍फाल-कोलकाता मार्गों पर दैनिक कार्गो फ्लाइट्स चलायेगी। स्‍पाइसजेट ने आइजॉल और दीमापुर से होकर कोलकाता और गुवाहाटी के बीच भी कार्गो उड़ाने शुरू की है, जो हफ्ते में दो बार चलेंगी। एयरलाइन द्वारा कोलकाता-अगरतला और अगरतला-गुवाहाटी सेक्‍टर्स पर भी हफ्ते में तीन बार, तथा कोलकाता-सिलचर एवं सिलचर-गुवाहाटी मार्गों पर हफ्ते में दो बार कार्गो फ्लाइट्स का परिचालन किया जायेगा।

स्‍पाइसजेट, देश के प्रमुख शहरों जैसे कि दिल्‍ली, मुंबई, बेंगलुरू, कोलकाता, चेन्‍नई, पटना, हैदराबाद, जयपुर, अमृतसर से गुवाहाटी को जोड़ता है और यह अपने पैसेंजर एयरक्राफ्ट के बेली स्‍पेस का उपयोग करके असम की राजधानी, गुवाहाटी से दूसरे शहरों एवं दूसरे शहरों से गुवाहाटी तक के लिए कार्गो सेवाएं उपलब्‍ध कराता रहा है। देशव्‍यापी लॉकडाउन के दौरान भी, स्‍पाइसजेट के प्‍लेन्‍स ने अत्‍यावश्‍यक आपूर्तियां उपलब्‍ध कराने हेतु रोज़ाना उड़ानें भरीं। इस एयरलाइन ने गुवाहाटी और उत्‍तर-पूर्व के शेष हिस्‍सों के बीच आपूर्ति श्रृंखला बाधित नहीं होने दी और इसने हर रोज़ अत्‍यावश्‍यक आपूर्तियों की ढुलाई की।

असम के माननीय मुख्‍यमंत्री, श्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा, ”मैं इस अद्भुत और अत्‍यावश्‍यक पहल के लिए स्‍पाइसजेट को बधाई देना चाहूंगा। इस पहल से असम और उत्‍तर-पूर्व के व्‍यापारियों एवं व्‍यवसाइयों को काफ़ी प्रोत्‍साहन मिलेगा, चूंकि इस क्षेत्र में भारी ट्रैफिक वृद्धि की संभावना मौजूद है। इस क्षेत्र के किसान अब अपने पैदावार को न केवल देश के विभिन्‍न हिस्‍सों बल्कि विदेश तक भी ले जा सकेंगे। मैं स्‍थानीय कारोबारियों, व्‍यापारियों, उद्यमियों से अपील करना चाहूंगा कि वो इस अवसर का लाभ उठायें। इससे वो न केवल भारत बल्कि दूसरे देशों के बाजारों तक भी पहुंच सकेंगे। स्‍पाइसजेट द्वारा अपने बेड़े के एक हिस्‍से को असम और उत्‍तर-पूर्व में कनेक्टिविटी बढ़ाने व इसे मजबूत बनाने के लिए समर्पित किया जाना स्‍वागत योग्‍य कदम है, जिससे स्‍थानीय व्‍यवसायों, व्‍यापार, सूक्ष्‍म, लघु व मध्‍यम उद्यमों और किसानों को काफी सहयोग एवं प्रोत्‍साहन मिलेगा।”

स्‍पाइसजेट के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक, अजय सिंह ने बताया, ”मुझे उत्‍तर-पूर्व भारत के विभिन्‍न शहरों के लिए हमारे समर्पित कार्गो फ्लाइट्स शुरू किये जाने की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है। अपने प्राकृतिक पैदावार, उपभोक्‍ता वस्‍तुओं एवं अन्‍य अत्‍यावश्‍यक उत्‍पादों के लिए विख्‍यात और भारत के सांस्‍कृति एवं भौगोलिक रूप से सबसे समृद्ध क्षेत्रों में से एक, उत्‍तर-पूर्वी क्षेत्र के लिए अभी भी कनेक्टिविटी की कमी है और भारत के इस अद्भुत हिस्‍से को हमारे देश के बाकी भागों से बेहतर तरीके से जोड़ने में सहायता करने की हमारी हमेशा से कोशिश रही है। हमारी समर्पित कार्गो सेवा उत्‍तर-पूर्व के किसानों और व्‍यवसायों को उनकी वस्‍तुओं को देश के बाकी हिस्‍सों तक जल्‍द-से-जल्‍द पहुंचाने में मदद करेगी, और साथ ही, इस क्षेत्र में अत्‍यावश्‍यक कार्गो आसानीपूर्वक लाया भी जा सकेगा। जैसा कि माननीय प्रधानमंत्री जी ने कहा है कि उत्‍तर-पूर्व में भारत के विकास का वाहक बनने की क्षमता मौजूद है, इसलिए हम उम्‍मीद करते हैं कि हमारी समर्पित कार्गो फ्लाइट्स से इस क्षेत्र में महत्‍वपूर्ण रूप से बदलाव लाने में मदद मिलेगी।”

स्‍पाइसजेट, दो वाइड-बॉडी प्‍लेल्‍स सहित 13 कार्गो एयरक्राफ्ट के बेड़े का परिचालन करता है और यह एकमात्र ऐसा भारतीय कैरियर है जो यूरोप के लिए लॉन्‍ग-हॉल कार्गो फ्लाइट्स का परिचालन करता है। वाइड-बॉडी कार्गो प्‍लेन्‍स को शामिल किये जाने से इस एयरलाइन की परिचालन क्षमता काफी बढ़ गई है जिससे यह दुनिया में यूरोप, अफ्रीका और सीआईएस देशों तक के लिए नॉन-स्‍टॉप कार्गो सेवाओं का परिचालन करने में सक्षम है।

स्‍पाइसजेट के अंतर्राष्‍ट्रीय कार्गो नेटवर्क में अब 44 से अधिक अंतरर्राष्‍ट्रीय गंतव्‍य-स्‍थल शामिल हैं, जिनमें अल्‍माती, अबू धाबी, बगदाद, बहरीन, बैंकॉक, बिश्‍केक, कंबोडिया, कैरो, चेबू, चाड, कोलंबो, ढाका, दोहा, दुबई, ग्‍वांगझाउ, हो चि मिन्‍ह, हांगकांग, ह्वांगझाउ, इंचियान, जकार्ता, काबुल, काठमांडु, खारतूम, किर्गिस्‍तान, कुआलालंपुर, कुवैत, माले, म्‍यांमार, शंघाई, सिंगापुर, शारजाह, सुलयामानियाह, ताशकंत, यूक्रेन व अन्‍य सम्मिलित हैं।

भारत में ‘मरीन कृषि उड़ान’ शुरू करने वाले, स्‍पाइसजेट ने इस वर्ष फरवरी में चेन्‍नई और विशाखापट्टनम से सूरत और कोलकाता के लिए डेडिकेटेड फ्रेटर फ्लाइट्स शुरू की थी, ताकि देश में झींगा की खेती को बढ़ावा दिया जा सके। इस एयरलाइन की कार्गो सेवाएं घरेलू और अंतर्राष्‍ट्रीय दोनों ही मार्गों पर परिचालित हैं, जो कि पूर्णत: एकीकृत ट्रांसपोर्टेशन नेटवर्क द्वारा समर्थित है जिसकी देश भर में एयर कार्गो, ग्राउंड ट्रांसपोर्टेशन एवं वेयरहाउसिंग सुविधाएं मौजूद हैं।

देशव्‍यापी लॉकडाउन लगने के बाद से, इस एयरलाइन ने 7000 से अधिक कार्गो फ्लाइट्स का परिचालन किया है और 25 मार्च, 2020 से अब तक 50,000 टन कार्गो की ढुलाई कर चुका है। इन फ्लाइट्स में से, लगभग 3000 फ्लाइट्स अंतर्राष्‍ट्रीय गंतव्‍य स्‍थलों के लिए थीं।

7 अपैल, 2020 का, स्‍पाइसजेट ने भारत का पहला कार्गो-ऑन-द-सीट फ्लाइट का परिचालन किया, जिसमें यात्री केबिन और बेली स्‍पेस में अत्‍यावश्‍यक आपूर्तियों की ढुलाई की गयी। उसके बाद से, यह एयरलाइन अपने B737 और Q400 पैसेंजर एयरक्राफ्ट में नियमित रूप से पैसेंजर केबिन में कार्गो की ढुलाई करता रहा है।

अपने नियमित कार्गो बिजनेस को संभालने के अलावा, स्‍पाइसएक्‍सप्रेस नियमित रूप से सर्जिकल सप्‍लाइज, सैनिटाइजर्स, फेस मॉस्‍क, कोरोनावायरस रैपिड टेस्‍ट किट्स, आईआर थर्मोमीटर्स आदि की ढुलाई करता रहा है और भारत के विभिन्‍न शहरों में अत्‍यावश्‍यक आपूर्तियों, दवाओं एवं चिकित्‍सा उपकरणों की डोर-स्‍टेप डिलिवरी प्रदान करता रहा है। इस एयरलाइन ने सरकार के ‘कृषिउड़ान’ और ‘मरीन कृषिउड़ान’ पहलों में भी भारी योगदान दिया और इस प्रकार, लॉकडाउन के बाद से भारतीय किसानों और मछुआरों को रिकॉर्ड 9500 MT झींगा और कृषि पैदावार की ढुलाई में सहायता कर चुका है।


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